Welcome to KV Bacheli Biop Library – एक अच्छा विद्यार्थी वह है जो पुस्तक को अपना सबसे अच्छा मित्र बना लेता है। Read More, Learn More, Grow More......
NEW 📢 महत्वपूर्ण सूचना — Kendriya Vidyalaya Bacheli विद्यालय का समय सोमवार 13 अप्रैल 2026 से सुबह 7:10 से 11:30 तक रहेगा । NEW 📢 महत्वपूर्ण सूचना — Kendriya Vidyalaya Bacheli विद्यालय का समय सोमवार 13 अप्रैल 2026 से सुबह 7:10 से 11:30 तक रहेगा ।

Best Books For Childrens

परमवीर चक्र

 


       परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च शौर्य सैन्य अलंकरण है जो दुश्मनों की उपस्थिति में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है। ज्यादातर स्थितियों में यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। इस पुरस्कार की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गयी थी जब भारत गणराज्य घोषित हुआ था। भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पुरस्कार के पात्र होते हैं एवं इसे देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के बाद सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समझा जाता है। इससे पहले जब भारतीय सेना ब्रिटिश सेना के तहत कार्य करती थी तो सेना का सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रास हुआ करता था।

        लेफ्टिनेंट या उससे कमतर पदों के सैन्य कर्मचारी को यह पुरस्कार मिलने पर उन्हें (या उनके आश्रितों को) नकद राशि या पेंशन देने का भी प्रावधान है। हालांकि पेंशन की न्यून राशि जो सैन्य विधवाओं को उनके पुनर्विवाह या मरने से पहले तक दी जाती है अभी तक विवादास्पद रही है। मार्च 1999 में यह राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह कर दी गयी थी। जबकि कई प्रांतीय सरकारों ने परमवीर चक्र से सम्मानित सैन्य अधिकारी के आश्रितों को इससे कहीं अधिक राशि की पेंशन मुहैय्या करवाती है।

        परमवीर चक्र हासिल करने वाले शूरवीरों में सूबेदार मेजर बन्ना सिंह (बाना सिंह) ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो कारगिल युद्ध तक जीवित थे। सूबेदार मेजर बाना सिंह जम्मू कश्मीर लाइट इनफेन्ट्री की आठवीं रेजीमेंट में कार्यरत थे।

परमवीर चक्र हासिल करने वाले वीरों की सूची


Featured Post

Class 1st lottery session 2026-27 Kendriya Vidyalaya Bacheli

LIVE 📢 Kendriya Vidyalaya Bacheli Admission Lottery (Session 2026-27) 09 April 2026 | Time: 9:00 AM ...

Popular Posts